राजस्थान का क्षत्रिय समाज परंपरागत माना जाता है। जहां महिलाओं, विशेषकर विवाहित महिलाओं के लिए उपलब्धियों के सीमित अवसर की बाते कही जाती है।
लेकिन राज्य के डीडवाना कस्बे के पास के छोटे से गांव भवादिया की दीपिका राठौड़ ने क्षत्रिय महिलाओं के सीमित अवसरों की बात को अफवाह साबित कर दिया।
आधी दुनिया के पहाड़ों की चोटियां फतह करने वाली लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ का उनकी मातृ भूमि डीडवाना में हाल ही में बहुमान हुआ।
Leftinent Colonel Deepika Rathore
राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ की 387 वीं जयंती के अवसर पर नागौर जिले के डीडवाना कस्बे में आयोजित हुए समारोह में भारत की पहली महिला सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ का सम्मान उनके पिता गणपत सिंह राठौड़ ने ग्रहण किया।
Ganpat Singh Rathore
समाजसेवी गणपत सिंह राठौड़ ने शाइनिंग टाइम्स को बताया कि उनकी सुपुत्री दीपिका राठौड़ ने पूरी धरती के सात महाद्वीपों में से तीन महाद्वीपों के ऊंची पहाड़ियों की चोटियों को 6 माह में फतह कर लिया था।
Leftinent Colonel Deepika Singh Rathore
राजस्थान की बेटी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ ने वर्ष 2012 और दुबारा वर्ष 2016 में एशिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को, 2025 में यूरोप महाद्वीप के माउंट एलब्रुस, दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के अर्जेंटीना स्थित माउंट एकांकागुआ और अफ्रीका महाद्वीप के तंजानिया स्थित माउंट किलिमंजारो की चोटियों को फतह किया। उनके पिता गणपत सिंह राठौड़ ने बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ पांचवें महाद्वीप उत्तरी अमेरिका के अलास्का स्थित माउंट डेनाली को फतह करने की तैयारी कर रही है।
किलिमंजारो चोटी पहाड़ को फतह करने पर मातृभूमि डीडवाना में बहुमान किया गया।
पिता गणपत सिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि उनकी बेटी की विशेष उपलब्धियों के लिए राष्ट्रपति ने विशिष्ट सेवा मेडल देकर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री ने भी सम्मानित किया। राजस्थान सरकार ने लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका राठौड़ के विशेष योगदान के लिए इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में 25 बीघा जमीन भी गिफ्ट की।