राजस्थानी भाषा की तरह ही राजस्थानी सिनेमा भी सरकारी सहयोग के अकाल से पीड़ित है। दोनों ही सरकार की बेरुखी के शिकार है। राजस्थानी सिनेमा के जाने माने निर्देशक नीरज खंडेलवाल द्वारा निर्देशित राजस्थानी फिल्म मिंजर के निर्माण और उसकी रिलीजिंग की कहानी सरकार की राजस्थानी सिनेमा के साथ अनदेखी को बयान करती है।









