25 दिसंबर, 1927 को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने मनु स्मृति को प्रतीकात्मक रूप से जलाकर मानवता और समानता का आंदोलन तेज किया था। इस अवसर पर डॉक्टर अंबेडकर विचार मंच समिति, जयपुर ने हरमाड़ा स्थित डॉक्टर अम्बेडकर पार्क में अपने कार्यालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया। विचार संगोष्ठी में मंच के जिला अध्यक्ष महता राम काला ने डॉक्टर अंबेडकर का धन्यवाद करते हुए कहा कि उसी दिन भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर ने इंसान में मानवता, समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता के लिए अपना सकारात्मक सोच बना लिया था। जिसे उन्होंने 26 नवंबर 1949 को कार्य रूप में संविधान के रूप में परिणीत भी कर दिखाया।
विचार गोष्ठी के बाद 3 जनवरी को भारत की प्रथम महिला शिक्षिका मानी जाने वाली सावित्रीबाई फूले एवं फातिमा शेख जयंती समारोह की तैयारी को लेकर के विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही कार्यकर्ताओं में जिम्मेदारियां बांटी गई। इस अवसर पर समारोह के पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
समारोह को भव्य रूप देने के लिए विचार विमर्श किए गए और अधिक से अधिक शिक्षा से जुड़ी महिलाओं के विवरण इकट्ठे करके सूचीबद्ध करने की बात रखी गई। मीटिंग में कार्यक्रम की संयोजक हेम लता ने भी मार्गदर्शित किया।सीनियर सिटीजन मांगीलाल मास्टर साहब, संत सत्य गिरी जी महाराज, डॉक्टर अंबेडकर विचार मंच के पदाधिकारियों में मदनलाल जी जाजोरिया, अशोक कुमार, कल्ला राम राठी, आत्माराम, हंसराज उदय, सुन्दर उदय एवं डालचंद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।