नगरनिगम के चुनाव की सरगर्मियों के बीच जयपुर में गतिविधियां भी तेज हो गई। लोगों को अपेक्षा है कि इन्ही बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच जनता के अच्छे दिन भी आ सकते है। निवारू ग्राम पंचायत के जयपुर नगर निगम में विलय होने के बाद यहां की जनता पानी, बिजली और सड़क की मूलभूत सुविधाओं के लिए बेचारी सी हो गई। पंचायत के अस्तित्व खत्म होने के पांच महीने गुजर जाने के बाद भी यहां की व्यवस्था को ना तो नगर निगम ने ना ही पी एच ई डी सहित किसी सरकारी संस्था ने संभाला। नतीजा हुआ क्षेत्र में पानी की सप्लाई भगवान भरोसे चल रही है। यहां पानी वितरण भी अवैध व्यक्ति द्वारा अभी भी जारी है जो लोगों से पानी के बदले रुपए वसूलता है। तिसपर जल जीवन मिशन और बीसलपुर योजना के बीच पाइप लाइन बिछाने की प्रक्रिया भी फुटबॉल बन गई।
शासन और प्रशासन की इस बेरुखी से त्रस्त जनता आखिर सड़क तक आ गई। महिलाओं पुरुषों सहित निवारू की स्थानीय जनता ने मटके फोड़ कर पानी की अस्त व्यस्त व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय नेता राजेंद्र चौधरी ने शाइनिंग टाइम्स को बताया कि विधायक राज्यवर्धन सिंह को निवारू से चुनाव में सबसे ज्यादा सपोर्ट मिला था लेकिन जनता के विकास की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वे विधायक के विरोधी नहीं है लेकिन जनता की समस्याओं को उजागर करना उनका फर्ज है। अगर विधायक उनकी समस्याओं का समाधान कर देंगे तो वे फिर से उन्हें फूलों से तोलेंगे अन्यथा वे मुख्यमंत्री निवास पर पानी की समस्या के लिए धरना देंगे। राजेंद्र चौधरी ने बताया कि वे आगामी चुनाव की वजह से यह आंदोलन नहीं कर रहे है। चुनाव लड़ने का उनका कोई मानस नहीं है।
अलबत्ता विधायक राज्यवर्धन सिंह के कोर समर्थक नारायण सिंह ने शाइनिंग टाइम्स को बताया कि यह प्रदर्शन राजनीतिक था। अगर उनकी मंशा समाधान की होती तो वे विधायक से मिलते। अलबत्ता नारायण सिंह ने माना कि ग्राम पंचायत के विलोपन के बाद व्यवस्था की समस्या बढ़ी है। फंड नहीं होने से ट्यूबवेल के बिजली के बिल नहीं भरे गए जिससे उनके कनेक्शन कट गए थे। दो दिन पहले ही विधायक की पहल पर ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन फिर से जोड़े गये है जिससे पानी की पुरानी व्यवस्था फिर से बहाल हुई है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन और बीसलपुर योजना के भी असमंजस्य से भी स्थिति विकट हुई है।
निवारू के कैलाश नगर से स्थानीय नागरिक कैलाश बडगुर्जर ने शाइनिंग टाइम्स को बताया कि पानी की अव्यवस्था से त्रस्त होकर जनता को मजबूर होकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।



