जयपुर के एलीट स्कूल में शुमार नीरजा मोदी स्कूल की अमायरा की संदिग्ध मौत के 22 दिन के भीतर ही स्कूल प्रशासन ही नहीं मानों शिक्षा विभाग और राज्य सरकार ने मामले को आया – गया कर दिया।
स्कूल में सामान्य दिनों की तरह चहल पहल है। और प्रशासन भी मानो घटना को भूला बैठा है।
अमायरा की स्कूल में संदिग्ध मौत की जांच में प्रशासन की बेपरवाही से क्षुब्ध परिजनों, सामाजिक संगठनों ने संयुक्त अभिभावक संघ के साथ विरोध प्रदर्शन और शहीद स्मारक पर केंडल मार्च किया गया।
अमायरा को न्याय दिलाने के लिए किए गए विरोध प्रदर्शन में सभी स्कूलों में बुलींग के खिलाफ मैकेनिज्म बनाने की पुरजोर मांग की गई।
शाइनिंग टाइम्स न्यूज मीडिया की उपसंपादक भावना शर्मा ने ऑन द स्पॉट कवरेज कर परिजनों और जागरूक जनता की मनोस्थिति को टटोला।


अमायरा की मां शिवानी देव मीना ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से अमायरा के साथ लगातार बुलींग हो रही थी। स्कूल को इसकी शिकायत भी की थी लेकिन स्कूल प्रशासन ने इसपर कोई एक्शन नहीं लिया। यही नहीं, घटना के दिन भी बुलींग से परेशान होकर अमायरा ने 30 मिनट में पांच बार शिक्षिका से मदद मांगी लेकिन उसे अनसुना कर दिया। व्यथित होकर अमायरा ने कूद कर जान दे दी।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने मांग की कि स्कूल में एंटी बुलिंग कमेटी नहीं होने की वजह से नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द की जाएं। ताकि दूसरी स्कूलों में इसका कड़ा संदेश जाए। 
अभिभावक उर्मिला ने शाइनिंग टाइम्स न्यूज मीडिया को बताया कि उनके बच्चे के साथ भी बुलींग हुई थी। उन्होंने स्कूल प्रशासन को बहुत शिकायतें की लेकिन कुछ भी नहीं हुआं मजबूरन स्कूल बदलनी पड़ी।
सामाजिक कार्यकर्ता रेखा शर्मा ने कहा कि अमायरा को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन सहित सरकार से अभी तक आश्वासन ही मिल रहे है।
नेत्रहीन संस्था के पदाधिकारी रामप्रसाद यादव ने शाइनिंग टाइम्स को बताया कि जिन्होने अमायरा को परेशान किया उनके खिलाफ एफ आई आर हो और सख्त कार्यवाही हो। 
विरोध प्रदर्शन में कई अभिभावकों और जागरूक जनता ने अपना आक्रोश व्यक्त किया।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैए से नाराज अभिभावकों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस कमिश्नर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। अभिषेक बिट्टू ने नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की।


अभिभावक उर्मिला ने शाइनिंग टाइम्स न्यूज मीडिया को बताया कि उनके बच्चे के साथ भी बुलींग हुई थी। उन्होंने स्कूल प्रशासन को बहुत शिकायतें की लेकिन कुछ भी नहीं हुआं मजबूरन स्कूल बदलनी पड़ी।





