सत्यव्रत मेवाड़ के भीष्म रावत चुंडा जी की 648 वी जयंती आज मेवाड़ के कई जगहों पर आयोजित की जा रही है। चुंडा स्मृति संस्थान मेवाड़ के उपाध्यक्ष कान सिंह सुवावा ने शाइनिंग क्षत्रिय टाइम्स को जानकारी दी कि मेवाड़ के भीष्म पितामह सत्यव्रत रावत चुंडा जी की जयंती पर 25 जनवरी को चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थित कुलदेवी बाण माता मंदिर पर रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। 26 जनवरी को जौहर भवन पर रावत यशवर्धन सिंह बस्सी, कर्नल रणधीर सिंह बस्सी एवं मुख्य वक्ता महामंत्री लोकेंद्र सिंह ज्ञानगढ़ के सानिध्य में जयंती समारोह आयोजित होगा।
गौरतलब है कि स्वाभिमान के प्रतीक मेवाड़ के इतिहास में शासक सिसोदिया वंश की चुंडावत शाखा का अहम स्थान है। सलूंबर के पाटवी चुंडावत के राजतिलक से ही मेवाड़ के महाराणा को मान्यता मिलती है।
चुंडावत शाखा के प्रवर्तक रावत चुंडा को मेवाड़ का भीष्म कहा जाता है जिन्होंने अपने पिता राणा लाखा की इच्छा के लिए राज्य त्यागा। फिर ताउम्र गद्दीशीन महाराणा के लिए वफादारी निभाई। चुंडावत शाखा के ही रावत रतन सिंह चुंडावत की पत्नी हाड़ी रानी ने युद्ध में जा रहे पति को सेनानी यानी निशानी मांगने पर अपना सिर काटकर दे दिया था। चुंडावत सिसोदिया वंश की प्रतिष्ठित हरावल यानी युद्ध में सबसे आगे रहने वाली खांप रही है।