भाजपा के फायरब्रांड विधायक बालमुकुंदाचार्य और कांग्रेस के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखा संवाद ब्लेक शीशे से शुरू हुआ जो भगवा राजनीति और मम्मी – बेटा, जीजा – जीजी की पार्टी तक पहुंच गया। वाकया ऐसा हुआ कि विधानसभा गेट पर डोटासरा ने बालमुकुंदाचार्य की गाड़ी को रोक कर कार के काले शीशे पर विनोद किया।
फिर क्या था विनोद पर राजनीति का रंग चढ़ता गया। डोटासरा ने जनसभा में इसे मुद्दा बनाते हुए कहा कि गरीबों के ठेलों का लाइसेंस चेक करने वाले बाबा का उन्होंने लाइसेंस चेक कर लिया। डोटासरा ने लगे हाथ भाजपा की तथाकथित भगवा राजनीति को भी साथ ही लपेट लिया।
जयपुर के हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने काउंटर करते हुए तंज कसा कि हमारे तो काले शीशे हो सकते है लेकिन उनके तो कारनामे भी काले है। राजनीति में जब बात निकलती है तो दूर तक जाती है। बालमुकुंदाचार्य ने भी लगे हाथों कांग्रेस के परिवारवाद पर तंज कस दिया। अलबत्ता बालमुकुंदाचार्य ने सफाई भी दी कि वे किसी और की गाड़ी में सवारी कर रहे थे। उनकी गाड़ी के शीशे काले थे तो उन्हें पता नहीं।