राजपूत छात्रों के लिए राजधानी जयपुर में संचालित हो रहे राजपूत छात्रावास एक बार फिर सुर्खियों में आया।
श्री राजपूत सभा की और से संचालित होने वाले सिंधी कैंप के नजदीक बने राजपूत छात्रावास में राजपूत समाज के फायर ब्रांड राजनेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अचानक अन्दर घुसने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए छात्रावास के गेट पर ताला लगा दिया। तिसपर राजेंद्र गुढ़ा दीवार फांद कर छात्रावास में घुसे।
राजेंद्र गुढ़ा ने छात्रावास वार्डन का छात्रावास के गेट पर ताला लगाने की कठोर लहजे में विरोध किया। फिर उन्होंने राजपूत सभा के अध्यक्ष राम सिंह चंदलाई को फोन कर गेट पर ताला लगाने की आपत्ति की। राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि राजपूत छात्रावास किसी की बपौती नहीं है। छात्रावास के पूर्व छात्र निवासी होने के नाते उनका अधिकार है कि वे कभी भी छात्रावास आ सकते है। उन्होंने कहा कि वे छात्रावास की स्थिति का अवलोकन करने आए थे। राजेंद्र गूढ़ा ने अध्यक्ष रामसिंह चंदलाई को कहा कि आज भी छात्रावास की स्थिति पचास साल पुरानी जैसी ही है। राजपूत सभा को छात्रावास सौंपने के बाद कोई सुधार नहीं हुआ। राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि छात्रावास में विद्यार्थी जेल जैसे माहौल में रह रहे है। छात्रावास के बाहर बसों की अवैध पार्किंग से छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है।
अलबत्ता राजपूत सभा ने स्पष्टीकरण दिया कि बाहरी लोगों से छात्रावास के निवासियों की पढ़ाई बाधित होने और पूर्व में बाहरी लोगों की वजह से छात्रावास में बार बार होने वाली पुलिस कार्यवाहियों पर अंकुश लगाने के लिए छात्रावास में बिना इजाजत बाहरी लोगों का प्रवेश बंद किया गया है।
राजपूत छात्रावास की अव्यवस्था को ठीक करने के लिए राजेंद्र गुढ़ा की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लोग राजपूत सभा में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
राजेंद्र गुढ़ा की राजपूत छात्रावास में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद राजपूत सभा की वर्तमान कार्यकारिणी पर हमले फिर तेज हुए। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके बद्री सिंह राजावत ने फिर आरोप लगाया कि राजपूत सभा पर कब्जा करने की नियत की वजह से सभा की सदस्यता खोलने पर वर्तमान कार्यकारिणी आनाकानी कर रही है उन्होंने कहा कि अगर राजपूत सभा की सदस्यता शुरू नहीं की गई तो वे जल्द ही सड़क पर आकर आंदोलन करेंगे।