भागदौड़ की जिंदगी में समाजसदों का मिलना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। दीपावली उत्साह और उमंग का त्यौहार है। लेकिन दीपावली के बाद के स्नेह मिलन आयोजन समाज में एकता, सोहार्द और स्नेह के अवसर होते है।
जयपुर के वैशाली नगर से संचालित खंडेलवाल जागृति संघ ने भी दीपावली स्नेह मिलन समारोह को सौहार्द मुलाकात के साथ समाज में बदलाव के अवसर के रूप में मनाया।
संघ के अध्यक्ष अनिल बड़ाया ने बताया कि समारोह में देश के विभिन्न शहरों से पधारे भामाशाहों और समाज के प्रबुद्धजनों का सम्मान किया गया। इस मौके पर युवाओं और भामाशाहों ने समाज के विकास के लिए तन-मन से जुटने पर बल दिया। सभी ने आशा व्यक्त की कि समारोह से समृद्ध समाज का निर्माण होता है।
खंडेलवाल समाज के दीपावली स्नेह मिलन समारोह के विशिष्ट अतिथि फरीदाबाद के रमेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि समाज की भावी पीढ़ी को जड़ों से जोडऩे और संस्कारों के प्रवाह के लिए सभी को ऐसे आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
खंडेलवाल जागृति संघ के संगठन सचिव राजेश कूलवाल ने कहा कि दीपावली के अवसर पर होने वाले अन्नकूट महोत्सव अन्न देवता के पूजन का भी पर्व है। यह प्राचीन काल के जायके की समृद्ध परंपरा का भी परिचायक है। इस मौके पर भगवान राधा गोविंद के दरबार के साथ ही छप्पन भोग की झांकी भी सजाई गई।
समारोह में शामिल खंडेलवाल समाजसदों ने झूठन नहीं छोड़ने का प्रण लेकर दीपावली उत्सव को सार्थक बना दिया।
संघ के सचिव अनिल लोहिया ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों ने समाज और संगठन की समृद्ध विरासत और विकास यात्रा के विभिन्न पड़ावों और भावी कार्यक्रमों से भी अवगत कराया।
स्नेह मिलन समारोह में उपस्थित जनसमूह द्वारा समाज का ध्वजगान ऊंचे नील गगन में लहर लहर लहराए के उद्घोष से संपूर्ण स्थल गुंजायमान हो उठा।
कार्यकर्म के अंत में लक्की ड्रा सहित फ्रीज, टीवी, वाशिंग मशीन आदि सैकड़ों उपहार बांटे गए।



