क्षत्रियत्व के गुण नई पीढ़ी में मजबूती से स्थापित करने के लिए संकल्पित राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्थान के जय भवानी मातृशक्ति शमशीर संघ क्षत्राणि बालिकाओं में शौर्य के प्रतीक तलवारबाजी के हुनर को प्रोत्साहित कर रहा है।
हाल ही में जयपुर के झोटवाड़ा स्थित फतेह निवास मैरिज गार्डन में क्षत्राणियों ने भव्य तलवार रास और शस्त्र पूजन का आयोजन किया।
राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष गणपत सिंह राठौड़ ने शाइनिंग क्षत्रिय टाइम्स को बताया कि लगभग 150 राजपूत मातृशक्ति ने शौर्य को दिखाते हुए टीना कंवर व हिमांशी कवर के नेतृत्व में एक साथ तलवारबाजी प्रदर्शन किया। खुली जीपों और दो पहिया वाहनों पर खड़े होकर इन क्षत्राणि बालिकाओं ने तलवारबाजी का भव्य प्रदर्शन कर सबको चकित कर दिया।
गणपत सिंह राठौड़ ने बताया कि ऐसे आयोजनों से राजपूत महिलाओं में आत्मरक्षा व आत्मविश्वास की भावना को बढ़ावा मिलता है।
आयोजन के मुख्य अतिथि आर ए एस राजेंद्र सिंह शेखावत कहा कि शास्त्र और शस्त्र दोनों का समन्वय समाज की शक्ति का प्रतीक है तथा आत्मरक्षा और परंपरा का संगम है।
संस्थापक महेंद्र सिंह जाखली ने बताया कि पिछले 4 महीने से 200 से ज्यादा मातृ शक्ति को निःशुल्क तलवारबाजी प्रशिक्षण दिया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष व महासंघ प्रमुख गणपत सिंह राठौड़ ने तलवारबाजी प्रदर्शनकर्ता मातृशक्ति को मेडल पहनाकर और समाज सेवियों व प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह व दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।
इसी बीच धार्मिक देवी देवताओं ड्रेस पहन कर बच्चों की प्रतियोगिता का भी आयोजन रखा गया।
समारोह में दहेज विरोधी क्षत्रिय व राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्थान टीम के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में मातृशक्ति व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारीयो ने भाग लिया। सहभोज के साथ आयोजन का समापन हुआ।