सावन की फुहारे केवल किसानों को ही नहीं हर्षाती बल्कि महिलाओं विशेषकर क्षत्राणियों को भी खुशी और संस्कार से वाकिफ कराती है।
जयपुर स्थित श्री राजपूत सभा भवन में सावन के महीने में तीज का उत्सव क्षत्राणियोंं के उत्साह, उमंग और संस्कार का जरिया बना।
श्री राजपूत सभा के सहमंत्री पृथ्वी सिंह कालीपहाड़ी और कार्यकारिणी सदस्या डाक्टर सुमन कंवर बाबरा ने संस्थान के जयपुर स्थित मुख्यालय पर क्षत्राणियों के लिए रंगारंग तीज महोत्सव का आयोजन किया। तीज महोत्सव में क्षत्राणियों ने लहरिया और पारंपरिक राजस्थानी पहनावे में हर्षोल्लास के साथ भाग लिया।
डॉक्टर सुमन कंवर बाबरा और सायर कंवर चंदलाई ने क्षत्राणियों का पारंपरिक ढंग से क्षत्राणियों का स्वागत किया।
संगठन के अध्यक्ष राम सिंह चंदलाई ने सह पत्नीक तीज माता की पूजा के साथ तीज महोत्सव की शुरुआत की।
क्षत्राणियों ने ठेठ राजस्थानी गीतों पर सामूहिक नृत्य और घूमर को कर श्री राजपूत सभा को क्षत्रिय रंग में रंग दिया। युवा क्षत्राणियों और बाईसा के परंपरागत नृत्य ने माहौल को मनमोहक बना दिया। यह युवा क्षत्रिय पीढ़ी में संस्कारों के प्रति लगाव बढ़ाने का प्रयास साबित हुआ।
सभा भवन लॉन में सावणी झूला झूलती क्षत्राणियां सखी सहेलियों में आपसी हंसी, ठिठोलियां, विनोद, हास्य ने क्षत्रिय समाज की एकता को सींचा। पहेलियों ने दिमाग की परीक्षा भी ली।
सामूहिक भोज के साथ श्री राजपूत सभा की और से हर साल आयोजित हो रहे तीज महोत्सव का समापन हुआ।
तीज महोत्सव में चन्द्रप्रभा कंवर भाटी, महेन्द्र कुमारी बसेड़ी, रूकमणी कंवर, ऊषा कंवर, मधु कंवर, मंजू कंवर, सुशीला कंवर, पूजा कंवर राठौड़, राजेश कंवर, संजना कंवर, इन्दू तोमर, पूजा शेखावत, फ्रांसीसी महिला सहित करीब 300 क्षत्राणियों ने भाग लिया।
श्री राजपूत सभा के अध्यक्ष राम सिंह चंदलाई सहित उपाध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत, महामंत्री धीर सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष प्रधुमन सिंह मूंडरू, एडवोकेट सुरेन्द्र सिंह नरूका, एडवोकेट गजराज सिंह केलाई, गोपाल सिंह रोजदा, श्रवण सिंह लवाण, शंकर सिंह फतेह निवास ने क्षत्राणियों के तीज महोत्सव को भव्य और समाज के लिए संदेशवाहक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।