जयपुर के राजापार्क स्थित पिंक कैफे पर शनिवार को अलग ही माहौल था। यहां बधिर प्रतिभाओं से दुनिया को वाकिफ कराने के लिए एक अभिनव प्रयास को मूर्त किया गया। जीवन के संघर्ष से सफलता के साथ मुकाबला करने में सफल रहे सुनील श्रीवास्तव ने बधिर प्रतिभाओं की आवाज बनने की जिद्द को धरातल पर उतारा।
सुनील श्रीवास्तव ने अपने साथी इशिता भटनागर के साथ मिलकर आशादीप संस्थान को बधिरों का हमराही बनाया। आशादीप
संस्थान ने बधिरों को कार्यशाला प्रशिक्षण और प्रदर्शनियों के अलावा नियमित ऑनलाइन प्रशिक्षण और हुनर प्रदर्शन का प्लेटफार्म देने के लिए आज के कार्यक्रम में आशादीप डेफ आर्ट नाम से यूट्यूब चैनल को लॉन्च किया। राजापार्क में हुए कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शिल्पा चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त सुरेश महरनिया, मानवाधिकार से जुड़ी नीना गुप्ता, समाज सेवी शांति भटनागर ने ऑनलाइन चैनल आशादीप डेफ आर्ट को लॉन्च किया। लांचिंग कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शिल्पा चौधरी ने कहा कि बधिर व्यक्ति सामान्य नहीं बल्कि विशेष और कीमती होते है। वे विशेष हुनरमंद होते है। उन्होंने आगे कहा कि सुनील श्रीवास्तव ने बधिर लोगों की दुनिया से मुलाकात कराने का जो प्रयास किया है वो प्रशंसा के योग्य है।
आशादीप की फाउंडर इशिता भटनागर ने बताया कि ऑनलाइन यूट्यूब चैनल के जरिए सांकेतिक भाषा में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों सहित उनके लिए बनी सरकारी योजनाओं को प्रचारित करेंगे। इशिता भटनागर ने कहा कि इसके साथ ही बधिर लोगों द्वारा बनाए उत्पादों की ऑनलाइन और ऑफ लाइन प्रदर्शनियां भी आशादीप आयोजित करेगा। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका कुमावत ने किया।