आधुनिक और पाश्चात्य की दौड़ के बीच क्षत्रिय संस्कारों और संस्कृति का संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। नई पीढ़ी में क्षत्रियत्व के प्रति कम होता लगाव क्षत्रिय समाज के सबसे बड़ी चुनौती है। आज के आधुनिक युग में जब हमारी संस्कृति, संस्कार और इतिहास को भुलाया जा रहा है। ऐसे समय में जय राजपूताना संघ बाड़मेर में आयोजित करने जा रहा है महासमर शिविर।
उम्मीद की जा रही है कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक सशक्त प्रयास होगा। 22 जनवरी से 25 जनवरी 2026 बाड़मेर के श्री राणी रूपादे संस्थान में होने वाले इस क्षत्रिय संस्कार शिविर में तलवारबाज़ी, निशानेबाज़ी, तीरंदाज़ी, बौद्धिक ज्ञान, लाठी चलाना, धर्म, इतिहास व संस्कार ज्ञान, साफ़ा प्रशिक्षण और करियर गाइडेंस के प्रभावी सत्र होंगे।
आयोजक जय राजपूताना संघ के संस्थापक विश्वनाथ प्रताप सिंह जी खंगारोत रेटा ने बताया कि यह केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि संस्कार, शौर्य और स्वाभिमान को जीवित रखने का अभियान साबित होगा। उन्होंने अपील की कि हम सब मिलकर अपने पूर्वजों के आदर्शों पर चलें और राजपूताना गौरव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।
शिविर में भाग लेने के लिए भोजन और आवास हेतु 251 रूपये का सहयोग निर्धारित किया गया है। शिविर में भाग लेने के लिए 22 जनवरी को शाम 6 बजे तक शिविर स्थल पहुंचना है। शिविरार्थी को पेन, कॉपी, केसरिया साफ़ा, सफेद धोती, खेलकूद के लिए कपड़े और ओढ़ने के लिए चादर अपने साथ लानी है। क्षत्रिय संस्कारों के बाड़मेर में हो रहे इस संवाहक शिविर महासमर शिविर में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 9587159001 या 9602567381 पर संपर्क करें।