परमार्थ सेवा समिति जनकल्याण को समर्पित संस्था है। सामूहिक विवाह इस भावना की खूबसूरती को दर्शाता है कि इसमें कई जोड़ों को एक भव्य समारोह में एक साथ लाया जाता है और उन्हें एक पवित्र बंधन में बांधा जाता है। इसी भावना को दर्शाते हुए परमार्थ सेवा समिति बाड़ी धौलपुर द्वारा सातवें अग्रवाल नि:शुल्क सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन 23 जनवरी 2026 शुक्रवार को देव गार्डन समरथूरा रोड बाड़ी धौलपुर में होने जा रहा है।
परमार्थ सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद जिंदल, सचिव दिलीप मित्तल, कोषाध्यक्ष पवन गोयल, उपाध्यक्ष दिलीप गोयल, सम्मेलन संयोजक प्रवीन मंगल व समाज के अन्य कार्यकर्ता और समाज नेता अग्रवाल समाज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुट गए हैं। राकेश गर्ग, सतीश गर्ग, प्रमोद गर्ग और प्रदीप कुमार बंसल सामूहिक विवाह समारोह के लिए संरक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं वहीं शिव शंकर गर्ग प्रवक्ता और विनोद बिंदल निरीक्षक की भूमिका निभा रहे हैं।
अग्रवाल सहित वैश्य और जैन समाज में सकारात्मक विचारधाराओं को प्रेरित करने के लिए सतत प्रयासरत शाइनिंग वैश्य और जैन टाइम्स ने धौलपुर में होने वाले सातवें अग्रवाल सामूहिक विवाह समारोह की प्रगति जानने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत की।
आयोजक परमार्थ सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद जिंदल ने शाइनिंग वैश्य और जैन टाइम्स को बताया कि सामूहिक विवाह समारोह का मुख्य उद्देश्य गरीब, अनाथ, दिव्यांग, विकलांग बच्चियों की शादी करवाना होता है। विनोद जिंदल ने बताया कि सात अद्भुत वचन वह दूल्हा दुल्हन को दिलवाते हैं, जैसे 1. बाल विवाह नहीं करेंगे। 2. कभी भी भ्रूण हत्या नहीं करेंगे। 3. बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजेंगे। 4. शराब व धूम्रपान का सेवन नहीं करेंगे। 5. अपने माता-पिता की सेवा करेंगे। 6. तुलसी के पौधे की पूजा करेंगे। 7. खुले स्थान में शौच नहीं करेंगे।
आयोजक परमार्थ सेवा समिति के उपाध्यक्ष दिलीप गोयल ने शाइनिंग वैश्य और जैन टाइम्स को बताया कि की सेवा समिति में वह 26 सदस्य हैं वह मिलकर इस सामूहिक विवाह का आयोजन करते हैं व जनकल्याण से संबंधित कार्य करते है। उपाध्यक्ष दिलीप गोयल ने बताया कि इस बार वह सातवें अग्रवाल सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कर रहे हैं।
आयोजक परमार्थ सेवा समिति के संस्थापक सदस्य रवि मोदी ने शाइनिंग वैश्य और जैन टाइम्स को बताया कि जिन बच्चे बच्चियों के सम्बन्ध तय हो जाते है वह उनका वहा पर विवाह करवाते हैं और समिति एवं सभी की तरफ से उन्हें गृहस्थी का सामान दिया जाता है। रवि मोदी ने बताया कि जो सामूहिक विवाह में जितने भी जोड़े होते हैं उनकी धूमधाम से निकासी निकाली जाती है।