अयोध्या में रामलला के की भव्य स्थापना के बाद देश में सनातनियों के उत्साह चरम पर है।
इसी बीच जयपुर में अयोध्या में स्थापित रामलला की प्रतिकृति को घर स्थापित कराने के लिए रवि फाउंडेशन ने रामलला विराजित रथ को नगर भ्रमण कराया।
भक्तों को चौखट पर रामलला के दर्शन कराने के लिए पहली बार राम लला ने नगर भ्रमण किया।
जयपुर के न्यू गेट स्थित रामलीला मैदान से रामलला के रथ को संत महंतों ने महाआरती करके रवाना किया।
रथ में अयोध्या में विराजित रामलला का बाल स्वरूप विराजमान रहे और उनके तीनों भाई लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न उन्हें चंवर ढुला रहे थे।
शोभायात्रा में सबसे आगे रामजी की ध्वज पताका लेकर श्रद्धालु चल रहे थे। इनके पीछे नगर कीर्तन करते राम जी के भक्त और फिर बैंड बाजा का लवासा चल रहे थे।
रामलला की शोभायात्रा सरस निकुंज पीठाधीश्वर अलबेली शरण महाराज, संत समाज अध्यक्ष महामंडलेश्वर सियाराम दास जी महाराज , घाट के बालाजी के सुदर्शनाचार्य महाराज, प्रवीण बड़े भैया, पंडित राजकुमार शर्मा मंदिर श्री गीता गायत्री जी, संजय गोस्वामी लाडली जी मंदिर, कथा वाचक आचार्य राजेश्वर, प्राचीन श्याम मंदिर लोकेश मिश्रा, पंडित नीतीश चतुर्वेदी, पंडित सुरेश मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजनों ने चारों विग्रहों का विधिवत पूजन के साथ 108 दीपकों से महाआरती कर रथ को रवाना किया।
न्यूगेट पर हेरिटेज जयपुर मेयर कुसुम यादव ने रामलला की आरती कर शोभायात्रा में शामिल हुई।
रामलीला मैदान से रामलला त्रिपोलिया, छोटी चौपड़ होते हुए रात 8 बजे ठिकाना श्री रामचंद्र जी मंदिर पहुंचें। यहां मंदिर महंत नरेंद्र तिवाड़ी ने रामलला सहित चारों भाइयों का स्वागत और आरती की।
शोभायात्रा में रवि फाउंडेशन के कौस्तुभ दाधीच, मनु दाधीच, कैलाश खंडेलवाल, पंकज गोयल, रचना गुप्ता, एस एन खंडेलवाल, एंकर अंकित खंडेलवाल, सहित लता खंडेलवाल, अतुल गुप्ता, जगदीश पंचारिया, राघवेंद्र भारद्वाज व अन्य गणमान्य जन शामिल हुए।
रामलला के नगर भ्रमण की तीन किमी दूरी में जगह-जगह आरती, पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। रास्ते में व्यापार मंडलों की ओर से शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई।
मार्ग के सभी मंदिरों की ओर से भी की रामलला की आरती ओर पुष्प वर्षा की गई।
सीताराम जी छोटी चौपड़ की ओर से शोभायात्रा में राम नाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन किया गया।
रामदरबार को रवि फाउंडेशन से जुड़ी डिजाइनर क्षितिजा राणा द्वारा तैयार की गई नवीन पोशाक मंगला झांकी में धारण कराई गई। श्री रामलला के स्वरूप श्रृंगार 74 वर्षीय राधेश्याम भगत ने किए हैं। वे पिछले 50 वर्षों से विभिन्न स्वरूपों का श्रंगार कर रहे हैं ।
रवि फाउंडेशन के अध्यक्ष पुलकित भारद्वाज ने बताया कि फाउंडेशन की ओर से दशहरे से लेकर दिवाली तक प्रथम चरण में 5100 अयोध्या राम मंदिर स्वरूप रामकाज करने वाली संस्थाओं और रामकाज करने वाले भक्तों को क्यूआर कोड स्केन करके फाॅर्म भरने पर मंदिर वितरित किए जाएंगे।